पुनर्वास में योग


corporate yoga classes

योगिक क्रियाओं का अध्ययन सामाजिक रूप से प्रतिकूल वर्गों जैसे कि जेल में रहने वाले कैदी, नशाखोरों, शराबियों, जन्मान्धों, मंदबुद्धि तथा समुदाय (रिमांड) घरों में किया गया|

इन सभी सामाजिक रूप से वंचित समूहों में योग के उपयोग, बेहतर जागरूकता प्रदान करने के साथ-साथ क्रोध को दमन करने या मनोवषाद या तनाव जो कि उनकी कार्यकुशलता को प्रभावित करने वाले तथा अच्छे रहन–सहन के नए ज्ञान या क्षमता वृद्धि को प्रभावित करने वाले मुख्य अंदरूनी कारणों का निवारण होता है|

समुदाय ग्रहों में रहने वाले बच्चे जो शारीरिक रूप से सामान्य होते हुए भी सामाजिक तथा भावनात्मक रूप से चोट खाएं हुए है| गौरतलब है कि उनका सहानुभूतिपूर्वक उच्चस्तरीय जागरण होने से हृदय गति ,श्वास गति, त्वकगत प्रतिरोधक क्षमता में प्रभाव बंगलुरु के घरों रहने वाली लड़कियों में सामान्य रूप से विद्यालय जाने वाले बच्चों के अपेक्षा ज्यादा देखी गयी है (टेलिस एवं अन्य 1 997)|

एक सापेक्ष जागरण अध्ययन में यह पाया गया कि योग वर्ग में खेल अभ्यास वाले ग्रुप जो कि लड़कियों के 14 जोड़ों से युक्त तथा बारह से सोलह उम्र वर्ग के समुदाय गृहों में से थे, उनमे गौरतलब श्वसन गति में कमी पाई गयी तथा त्वकगत प्रतिरोधक क्षमता मांसपेशियों में कार्यशक्ति संबर्धन, निपुणता कौशल तथा दृष्टि बोध बढ़ गया (रघुराज तथा टेलिस 1997 )

Join our Membership

To avail free trial class or promo offers

Register Now