उच्च रक्तचाप और मधुमेह : योग से उपचार


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आधुनिक युग विज्ञान व तकनीक का युग है जिसमें मनुष्य निरंतर आगे बढ़ने की होड़ में अपकार हो जाता है। तनाव का असर हमारे मन व शारीरिक अवयवों पर पड़ता है, जिसके कारण मनोकायिक बीमारियों का उत्पन्न होना स्वाभाविक है। इन्हीं मनोकायिक बीमारियों में से एक है मधुमेह, जिसे शुगर की बीमारी भी कहा जाता है। ज़्यादा तनाव के कारण यह बीमार आम होती जा रही है। पैनक्रियेटिक ग्लैंड के उचित एवं संतुलित सीक्रेसन नहीं होने की वजह से रक्त में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है तथा सेल्स की कार्यप्रणाली को डीजेनरेट कर देती है। इन्सुलिन ठीक प्रकार से नहीं बनने के कारण हृदय, किडनी, उच्च रक्तचाप और आँखों की समस्या होती है।आजकललोगों में उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसे रोग बहुत आम होते जा रहे हें। असल में इसके लिए हम स्वयम जिम्मेदार हें। इस तरह की बीमारियों के लिए मुख्य रूप से ख़ान-पान व जीवन शैली ही जिम्मेदार है। वैज्ञानिक शौधों के अनुसार, योग द्वारा इन जानलेवा बीमारियों पर नियंत्रणअथवा छुटकारा पाया जा सकता है।

नियमित व्यायाम मधुमेह को नियंत्रण में रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है। शारीरिक श्रम से रक्त शर्करा की अधिक मात्रा इस्तेमाल हो जाती है जिससे बाह्य रूप से ली जाने वाली इन्सुलिन की मात्रा में भी कमी आ जाती है। टहलना, धीरे-धीरे दौड़ना, साईकिल चलाना तथा योगाभ्यास सभी इस दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। फिर भी मधुमेह से ग्रस्त रोगियों को टहलने पर पर्याप्त ध्यान देना चाहिए। इससे फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है। हृदय की कार्यक्षमता में सुधार होता है। पेशियों में प्रसारण एवं संकुचन की क्रिया होने से वे सशक्त होती हैं।मधुमेह के रोगियों के लिए लाभदायक प्रमुख योगासन कटिचक्रासन, ऊर्ध्वह्स्तोत्तानसन, पादहस्तासन, भुजंगासन, धनुरासन, पशिच्मोत्तानासन, कोणासन, सर्वांगासन, मत्स्यासन, मयूरासन, सुप्तपवनमुक्तासन, अर्धमत्स्येन्द्रासन, तथा श्वसन आदि हैं। इसके अतिरिक्त अन्य कई आसन भी हैं जो मधुमेह के रोगियों को लाभ पहुंचाते हैं। आसनों का अभ्यास किसी योग प्राकृतिक चिकित्सक की देख रेख में तथा अपने चिकित्सका के परामर्श से प्रारंभ करना चाहिए। इन आसनों के अतिरिक्त सूर्यनमस्कार एवं नाढ़ी शोधन प्राणायाम का नियमित अभ्यास भी इस रोग के नियंत्रण में प्रभावी रूप से कार्य करता है।

उच्च रक्त चाप और मधुमेह के रोगी भरपूर मात्रा में अंकुरित अनाज और हरी पत्तेदार सब्जियां का सेवन करे ।  कुछ मात्रा में फलों का सेवन भी कर सकते हैं। ये निश्चित तौर पर आपके शरीर को  दुरुस्त करेंगी।

योग थैरेपी मानवीय व्यवहार, कार्य, खानपान, परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए की जाती है और यदि इन बातों को ध्यान में रखकर इसे किया जाए तो निश्चित ही लाभ होगा क्योंकि मधुमेह व उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए दैनिक जीवनचर्या में बदलाव व योगाभ्यास आवश्यक है। यदि नियमित योगाभ्यास व संयमित जीवनचर्या का पालन किया जाए तो स्वस्थ मानवता की कल्पना की जा सकती है:

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