योग के लिए वातारण


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वातावरण अगर कार्य के अनुकूल हो तो कार्य में रूचि बढ़ती है और परिणाम भी बेहतर मिलता है। वातावरण से मन में स्वत ही सकारत्मक उर्जा का संचार होता है। सकारात्मक उर्जा से मन प्रसन्न होता है। योग में ध्यान का केन्द्रित होना आवश्यक होता है। किसी भी कार्य के लिए एक विशेष वातावरण की जरूरत होती है। वातावरण अगर कार्य के अनुकूल हो तो कार्य में रूचि बढ़ती है और परिणाम भी बेहतर मिलता है। योग के संदर्भ में भी यही बात लागू होती है। योग के लिए उपयुक्त वातावरण होने पर योग की क्रियाओं में मन लगता है और योग से जल्दी लाभ भी मिलता है।

स्वच्छता

योग शरीर, मन और आत्मा के बीच संयोग बनाने वाला है। इस दृष्टि से योग एक साधना है। साधना के लिए स्थान का शुद्ध और साफ होना बेहद आवश्यक है। वातावरण साफ सुथरा होने पर मन में स्वत ही सकारत्मक उर्जा का संचार होता है। सकारात्मक उर्जा से मन प्रसन्न होता है। योग में ध्यान का केन्द्रित होना आवश्यक होता है। स्वच्छ वातावरण होने से इसमें मदद मिलती है।

योग के लिए स्थान

योग के लिए विशेष जगह की आवश्यकता नहीं होती है। आप अपने घर पर भी टेलीविजन, योग की पुस्तक अथवा ध्वनियों को सुनकर योग कर सकते हैं। जिस कमरे में आप योग करते हैं उसमें दो चार पौधे हों तो विशेष लाभप्रद होता है। योग आनन्द प्रदान करने वाली क्रिया है जिसे और भी आनन्द दायक बनाने के लिए आप कभी कभी किसी बगीचे में जाकर अथवा घर की छत पर भी योग कर सकते हैं।

सूर्य की रोशनी और हवा 

योग जिस कमरे में आप करते हों उस कमरे में सूर्य की रोशनी आती हो इस बात का ध्यान रखना चाहिए। शुद्ध और स्वच्छ हवा भी योग के लिए आवश्यक है। इसलिए योग के लिए ऐसे कमरे का चुनाव करना चाहिए जिसमें सूर्य की रोशनी और स्वच्छ हवाओं का प्रवेश होता रहे। इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि कमरे में ऐसा कुछ नहीं हो जिससे ध्यान विकेन्द्रित हो।

 संगीत

वातावरण को योग के अनुकूल बनाने में संगीत भी कारगर होता है। योग के समय अगर मन को शांति और सुकून प्रदान करने वाला संगीत चलता हो तो योग का आनन्द कई गुणा बढ़ जाता है। बांसुरी की धुन, सरोद या सितार की धुन अथवा गायत्री मंत्र योग के लिए अनुकूल संगीत है।

चीजों को व्यवस्थित रखें

योग में काम आने वाले साधनों और वस्तुओं को योग आरम्भ करने से पहले नियत स्थान पर रख लेना चाहिए। नियत स्थान पर सामान होने से योग के समय किसी सामान के लिए आपको भाग दौड़ नहीं करनी होगी और मन शांत रहेगा।

योग समय

योग के लिए समय का ध्यान रखना भी बेहत आवश्यक होता है। जब आपका मन शांत और प्रसन्न चित्त हो वह समय योग के लिए सर्वथा उपयुक्त होता है। सुबह का समय योग के लिए विशेष रूप से उत्तम होता है। इस समय वातावरण योग के लिए अच्छा होता है। सुबह के समय योग करने से दिन भर की भाग दौर के लिए शरीर उर्जावान रहता है। शाम के समय कुछ हल्के फुल्के योग करने से दिन भर की थकान दूर होती है, मनसिक शांति मिलती है और अच्छी नींद आती है। दोपहर के वक्त कुछ समय मिल जाए तो उस समय भी बैठे बैठे कुछ आसन कर सकते हैं।

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